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मक्का मस्जिद मामले में फैसले देने वाले जज रवींद्र रेड्डी ने दिया इस्तीफा, निजी कारणों का दिया हवाला

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

2007 मक्का मस्जिद विस्फोट मामले वामी असीमानंद सहित पांच आरोपियों को बरी करने वाले एनआईए की एक विशेष अदालत के जज रवींद्र रेड्डी ने कथिततौर पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है . 

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार जज रविंद्र ने आंध्र प्रदेश के मुख्य न्यायधीशा को अपना इस्तीफा सौप दिया है, जज रविद्र ने कथित तौर पर 10 दिनों की तत्काल छुट्ठी मांगी, जिसके बाद उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया. सूत्रों के अनुसार जज रविंद्र ने निजी कारणों के चलते इस्तीफा दिया है. 

गौरतलब है कि सोमवार सुबह को  हैदराबाद में आतंकवाद रोधी विशेष अदालत ने मक्का मजिस्द में 2007 में हुए विस्फोट कांड में दक्षिणपंथी कार्यकर्ता स्वामी असीमानंद और चार अन्य को बरी कर दिया था.  

बता दें,  मक्का मस्जिद में 18 मई रिपीट 18 मई 2007 को जुमे की नमाज के दौरान एक बड़ा विस्फोट हुआ था, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी और 58 अन्य जख्मी हो गए थे.

इस मामले की शुरूआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी और फिर इसे सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया था. इसके बाद 2011 में देश की प्रतिष्ठित आतंकवाद रोधी जांच एजेंसी एनआईए को यह मामला सौंपा गया.

हिन्दू दक्षिणपंथी संगठनों से कथित रूप से संपर्क रखने वाले 10 लोग मामले में आरोपी थे. बहरहाल, उनमें से सोमवार को बरी हुए पांच आरोपियों पर ही मुकदमा चला था.

मामले के दो अन्य आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कलसांगरा फरार हैं और एक अन्य आरोपी सुनील जोशी की हत्या कर दी गई है.

अन्य दो आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है.

सुनवाई के दौरान 226 चश्मदीदों से पूछताछ की गई और करीब 411 दस्तावेज पेश किए गए.

स्वामी असीमानंद और भरत मोहनलाल रातेश्वर जमानत पर हैं जबकि तीन अन्य इस समय न्यायिक हिरासत में केन्द्रीय जेल में हैं.

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