R Bharat

इस युवा क्रिकेटर के संघर्ष को देख भावुक हुए सचिन तेंदुलकर, घर बुलाकर गिफ्ट किया ये खास बल्ला

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर से मिलने का सपना तो हर किसी युवा क्रिकेटर का  होता है, लेकिन अगर ऐसा हो कि खुद सचिन किसी युवा खिलाड़ी को अपने घर बुलाएं, तो यकीनन उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं होगा. 

चलिए अपका सस्पेंस को यहीं पूर्ण विराम लगाते हुए मिलवाते हैं उस 16 साल के यशस्वी जायसवाल से, जिनको खुद सचिन ने अपने घर बुलाकर खास उपहार दिया. उत्तर प्रदेश के भदोही के रहने वाले यशस्वी को मुंबई ने क्रिकेट में पहचान दी. लेकिन यहां आने से पहले उनके एक जीवन पर एक नजर डाल लेते हैं.

घर की माली हालत सही नहीं थी

उनका क्रिकेट की दुनिया का सफर इतना आसान नहीं रहा और उनके संधर्ष की कहानी यकीनन प्ररित करने वाली हैं. यशस्वी के पारिवारिक की वित्तिय स्थिति इतनी सही नहीं थी कि वो क्रिकेट की तरफ ठीक से ध्यान दे सकते थे. उनके 2 बड़ी बहने और एक बड़ा भाई था. साल 2013 में क्रिकेट के जनून के चलते वो मुंबई की तरफ खींचे चले आए.

यहां आने के बाद वह एक डेयरी में रहे, लेकिन यहां रहने के लिए उनको सुबह के समय डेयरी मालिक का काम में हाथ बंटाना होता था, लेकिन दिनभर क्रिकेट खेलने के बाद ऐसा करना संभव नहीं था लिहाजा उन्हें वहां से जाना पड़ा.

जिसके बाद उन्होंने आज़ाद मैदान में मौजूद मुस्लिम यूनाइटेड क्लब  को अपना नया अशियाना बनाया, लेकिन यहां तंबू में रहने के लिए क्लब ने उसने मैच में अच्छा परफॉरमेंस करने का वादा लिया.  जिसके बाद 3 साल तक वो यहीं पर रहे. लेकिन यहां रहना उतना आसान भी नहीं था, बारिशों के दिनों में तंबू में पानी घुस जाता था. मच्छर भी काटा करते थे. कमल की बात ये हैं कि इस तंबू में उनके साथ 6 और बच्चे रहते थे.

कोच ज्वाला सिंह के एंट्री के बाद बदली किस्मत

जब कोच ज्वाला सिंह की नजर यशस्वी पर पड़ी तो वहां से उनकी क्रिकेट को नई मार्ग मिला. यशस्वी का चयन श्रीलंका दौरे पर जाने वाली भारत की अंडर-19 टीम में हुआ है, जिसमें सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर भी शामिल हैं.  हालांकि, यशस्वी वनडे टीम का हिस्सा हैं, जबकि अर्जुन चार दिवसीय टीम का. अपने चयन पर खुशी जताते हुए यशस्वी ने कहा, 'यह मेरे लिए बहुत अच्छा मौका है. यहां से मेरे लिए आगे के रास्ते खुलेंगे. वहीं, ज्वाला मानते हैं कि यह दौरा यशस्वी के करियर के लिए बहुत बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित होगा.

सचिन ने घर बुलाया 

जब सचिन को यशस्वी की इस संघर्ष भारी कहानी का पता चला तो उन्होंने उसे अपने घर मिलने के लिए बुलाया. सचिन के साथ यशस्वी की यह मुलाकत 45 मिनट तक चली इस दौरान यशस्वी ने सचिन के साथ कई सारे खेल से जुड़े पहलुओं पर बात की. मुलाकत के अंत में सचिन ने उन्हें अपना साइन किया हुआ बल्ला भी दिया.


 

Below Article Thumbnails
DO NOT MISS