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राहुल गांधी की इफ्तार पार्टी में प्रणब मुखर्जी को बुलाए जाने पर भड़के ओवैसी, कहा- ये 'पाखंड' की चरम सीमा है

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मेजबानी में दिए गए इफ्तार पार्टी के कुछ घंटों बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पूर्व राष्ट्रपित प्रणाव मुखर्जी को बुलाए जाने को  'पांखड' बताया है. 

ओवैसी ने पूर्व राष्ट्रपति पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने आरएसएस के मुख्यालय में भाषण दिया है, उनके संस्थापक की प्रशंसा की, जिसके बाद अब जनऊधारी की इफ्तार पार्टी में आए हैं. 

हैदराबाद से सांसद  ने कहा कि अगर एआईएमआईएम अगर किसी चुनाव में हिस्सा लेत हैं, तो हमें सांप्रदायिक कहा जाता है, लेकिन राहुल प्रणाब मुखर्जी के साथ टेबल शेयर कर रहे हैं, वो समान्य और स्वीकार्य है.  इसको लेकर ओवैसी ने बोला कि 'पांखड अपने चरम पर है' 

बता दें, ओवैसी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के द्वारा RSS के कार्यक्रम में जाने को लेकर और उनके द्वारा दिए गए भाषण पर जमकर निशाना साधा था. ओवैसी हैदराबाद के मक्का-मस्जिद में सभा को संबोधित कर रहे थे. जहां पर उन्होंने कहा, कांग्रेस अब खत्म हो गई है.  

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ''कांग्रेस अब खत्म हो गई है.. अब तो आप आंखे खोलो .. जिस शक्स ने कांग्रेस पार्टी में अपनी जिंदगी के पचास साल गुजारे .. और भारत का राष्ट्रपति भी रहा .. वो आज RSS के हेडक्वाटर पर जाकर अपना माथा टेकता है. इसके बावजूद आपको इस पार्टी से उम्मीद है.'' 

इसके साथ ही ओवैसी ने कहा, ''हम प्रणब मुर्खजी, RSS, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, भारत और हिंदू सेक्युलर को कहना चाहते हैं कि जब नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को गोली मारी थी तब सरदार पटेल ने लिखा था कि RSS के लोग जश्न मना रहे हैं.''

बता दें, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के फाउंडर केबी हेडगेवार के जन्म स्थान पर पहुंचे थे और उन्होंने वहां विजिटर बुक में लिखा था, ''मां भारती के महान सपूत थे केशव बलिराम हेडगेवार''

इसके साथ ही पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने RSS कार्यक्रम में अपना भाषण भी दिया था. जिसमें उन्होंने कहा था,  'देशभक्ति में देश के सारे लोगों का योगदान, हम एकता की ताकत को समझते हैं... विविधता हमारी पहचान. 

इसके साथ ही पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बोला था, ''सबने इस बात को माना है कि हिंदू एक उदार धर्म है. ह्वेनसांग और फाह्यान ने भी हिंदू धर्म की बात की है. राष्ट्रवाद किसी भी देश की पहचान है. देशभक्ति का मतलब देश की प्रगति में आस्था है.''

उन्होंने आगे कहा था, ''राष्ट्रवाद सार्वभौमिक दर्शन 'वसुधैव कुटुम्बकम्, सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः' से निकला है.''

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